शिमला। प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री विनोद ज़िंटा ने किशाऊ जल विद्युत परियोजना को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल द्वारा की गई प्रेस वार्ता पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बिंदल पर सिरमौर जिला के किसानों और प्रभावित परिवारों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा हिमाचल प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनता नहीं देखना चाहती।
ज़िंटा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस समझौते में प्रदेश के हितों को सर्वोपरि रखा है। इस परियोजना से हिमाचल को हर साल लगभग ₹1,200 करोड़ की आय होगी और प्रभावित परिवारों को भूमि अधिग्रहण नियमों के तहत उचित मुआवजा तथा पुनर्वास लाभ मिलेगा।
किशाऊ जल विद्युत परियोजना के मुख्य आकर्षण
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₹1,200 करोड़ की वार्षिक आय: राज्य को बिना भारी वित्तीय बोझ या पूंजीगत लागत उठाए दीर्घकालिक राजस्व प्राप्त होगा।
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211 मेगावाट मुफ्त बिजली: बिना उत्पादन लागत वहन किए हिमाचल को 211 मेगावाट बिजली का हिस्सा मिलेगा।
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50% रोजगार आरक्षण: परियोजना में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की समान 50-50 प्रतिशत भागीदारी होगी और स्थानीय युवाओं के लिए 50% रोजगार सुरक्षित रहेगा।
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क्षेत्रीय विकास: स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (LADF) के माध्यम से प्रभावित इलाकों में बुनियादी ढांचा मजबूत किया जाएगा।
भाजपा के विरोधाभासी रवैये पर सवाल:
विनोद ज़िंटा ने भाजपा की दोहरी राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ भाजपा नेता इस एमओयू के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बिंदल इसी समझौते पर आरोप लगा रहे हैं। भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि वह इस ऐतिहासिक समझौते के समर्थन में है या विरोध में।
ज़िंटा ने भाजपा नेताओं से राजनीतिक बयानबाजी छोड़कर तथ्यों पर बात करने और जनता के बीच भ्रम न फैलाने का आग्रह किया है।
