शिमला। पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और आउटसोर्स कर्मचारियों के समायोजन की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने बुधवार को शिमला के चौड़ा मैदान में जोरदार प्रदर्शन किया। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी एवं अभियंता संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदेशभर से पहुंचे कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन से पहले कर्मचारियों ने राज्य विद्युत बोर्ड के कुमार हाउस स्थित कार्यालय तक रैली निकाली। इसके बाद कर्मचारी चौड़ा मैदान पहुंचे, जहां आयोजित प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बिजली बोर्ड के कर्मचारी, अभियंता, आउटसोर्स कर्मी और कर्मचारी नेता शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने सरकार से बिजली बोर्ड कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने तथा लंबे समय से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को बोर्ड में समायोजित करने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार को जल्द ठोस निर्णय लेना चाहिए।
एचपीएसईबी एंप्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नीतीश भारद्वाज ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री प्रदेश के अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह बिजली बोर्ड के करीब 9 हजार कर्मचारियों के लिए भी OPS बहाल करने की घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड कर्मचारियों की कोई नई या अतिरिक्त मांग नहीं है, बल्कि वे उस पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली चाहते हैं, जिसके तहत बोर्ड के गठन के समय से ही कर्मचारी पेंशन लाभ के दायरे में रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश के करीब डेढ़ लाख कर्मचारियों को OPS का लाभ दिया जा चुका है, तो बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो कर्मचारी हड़ताल सहित बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
वहीं, एचपीएसईबी एंप्लाइज यूनियन के संयोजक हीरालाल वर्मा ने कहा कि OPS के अलावा बिजली बोर्ड में नई भर्तियां और अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दे भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पिछले ढाई से साढ़े तीन वर्षों से पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित हैं।
उन्होंने बिजली बोर्ड में कर्मचारियों की लगातार घटती संख्या पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, कभी करीब 43 हजार कर्मचारियों वाला बिजली बोर्ड अब लगभग 13 हजार नियमित कर्मचारियों और करीब 3 हजार आउटसोर्स कर्मियों के सहारे चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि बोर्ड में करीब 11 से 12 हजार पद खाली हैं।
कर्मचारी नेताओं ने सरकार से खाली पदों पर जल्द भर्ती करने की मांग करते हुए कहा कि पर्याप्त स्टाफ के बिना बिजली व्यवस्था और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
